जिंदल सॉ लिमिटेड के खिलाफ किसानों का आंदोलन 338वें दिन भी जारी, मुख्यमंत्री की रात्रि चौपाल में उठेगा अवैध ब्लास्टिंग का मुद्दा
गुलाबपुरा/लांपिया। जिंदल सॉ लिमिटेड की कथित अवैध ब्लास्टिंग एवं खनन गतिविधियों के विरोध में क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों द्वारा चलाया जा रहा धरना गुरुवार को लगातार 338वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से आंदोलनरत ग्रामीणों ने अब अपनी आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का 5 जून शुक्रवार को गुलाबपुरा क्षेत्र के खारी का लांबा में आयोजित होने वाली रात्रि चौपाल में आगमन प्रस्तावित है। इस अवसर पर लांपिया प्वाइंट क्षेत्र सहित आसपास के गांवों के किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचकर जिंदल सॉ लिमिटेड की कथित अवैध ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
धरनारत किसानों का आरोप है कि कंपनी द्वारा की जा रही ब्लास्टिंग से क्षेत्र के मकानों, कृषि भूमि एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग करेंगे। साथ ही क्षेत्र में चल रही कथित अवैध ब्लास्टिंग एवं खनन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग भी रखेंगे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र के किसान और ग्रामीण विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की रात्रि चौपाल उनके लिए अपनी पीड़ा और समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर बड़े जनआंदोलन और लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों, पर्यावरण और आम जनजीवन की सुरक्षा के लिए है। वे चाहते हैं कि सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायसंगत कार्रवाई करे, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल स्थापित हो सके।
धरनारत किसानों ने मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद जताते हुए कहा कि अब उनकी निगाहें रात्रि चौपाल पर टिकी हैं, जहां वे अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे।
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