पुर में ईद-उल-अजहा का पर्व भाईचारे और अकीदत के साथ मनाया गया
ईदगाह में मुल्क की खुशहाली और अमन के लिए मांगी गई दुआएं
भीलवाड़ा — उपनगर पुर में बुधवार को ईद-उल-अजहा का मुबारक पर्व पूरे धार्मिक उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग नए लिबास में सज-धज कर ईद की खुशियों में शामिल हुए। सुबह अंजुमन स्कूल, खेल मोहल्ला से समाज के लोग जुलूस की शक्ल में ईदगाह के लिए रवाना हुए। पूरे रास्ते तकबीरों की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने आपसी मोहब्बत एवं सौहार्द का संदेश दिया।
ईदगाह पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज़ अदा की। ईमाम जनाब युनुस अंसारी साहब ने नमाज़ के बाद खुतबा पेश करते हुए कुर्बानी के असल पैगाम पर रोशनी डाली और कहा कि यह त्योहार इंसान को त्याग, सब्र और अल्लाह की राह में कुर्बानी देने की सीख देता है।
इसके बाद मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, आपसी भाईचारे और इंसानियत की सलामती के लिए खास दुआ की गई।
इस मौके पर पेश इमाम जनाब युनुस अंसारी साहब की दस्तारबंदी अंजुमन कमेटी के कार्यालय अधीक्षक रोज़ीब भाई द्वारा की गई।
नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
अंजुमन सेवा समिति पुर के सदर जनाब रमजान मोहम्मद शोरगर ने समाज को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि “ईद हमें मोहब्बत, इंसानियत और आपसी एकता का पैगाम देती है। हमें हर हाल में आपसी भाईचारे को मजबूत रखते हुए समाज और मुल्क की तरक्की में अपना योगदान देना चाहिए।” साथ ही सदर रमज़ान मोहम्मद शोरगर ने ईदगाह में साफ-सफाई, पानी, नमाज़ एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने के लिए ईदगाह कमेटी का आभार व्यक्त करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया।
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