गौनेडा की रात्रि चौपाल में नहीं पहुंचीं जिला कलक्टर, गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

जल जीवन मिशन की 4 बोरिंग बंद, टूटी सड़कों और दूषित पानी की समस्या से त्रस्त है पूरा गांव कलक्टर की अनुपस्थिति में एसडीएम योगेश ने संभाली चौपाल, मौके पर सुने अभाव-अभियोग

Jun 5, 2026 - 22:05
Jun 6, 2026 - 09:58
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गौनेडा की रात्रि चौपाल में नहीं पहुंचीं जिला कलक्टर, गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
गौनेडा की रात्रि चौपाल में नहीं पहुंचीं जिला कलक्टर, गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

कोटपूतली।निकटवर्ती ग्राम गौनेडा के अटल सेवा केंद्र में शुक्रवार शाम 6 बजे आयोजित प्रस्तावित रात्रि चौपाल और जनसुनवाई में उस समय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा, जब निर्धारित समय बीतने के घंटों बाद भी जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता मौके पर नहीं पहुंचीं। कलक्टर के न आने से नाराज और गांव की बदहाल व्यवस्थाओं से त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए जिला कलक्टर के नाम एक विस्तृत ज्ञापन वहां मौजूद प्रशासनिक अमले को सौंपा और मूलभूत सुविधाओं के जल्द समाधान की मांग की। घंटों इंतजार के बाद बढ़ी नाराजगी, कलक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार रात को जिला कलक्टर को खुद चौपाल में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुननी थीं। गांव की गंभीर समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें तैयार करके अटल सेवा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन कलक्टर के नहीं आने से उन्हें निराशा हाथ लगी। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खुद तय किए गए कार्यक्रमों में न आने से आमजन का सिस्टम पर भरोसा कम होता है। हालांकि, कलक्टर के न पहुँचने के कारणों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर कलक्टर के नाम ज्ञापन अधिकारियों को सौंप दिया। नगर परिषद में शामिल होने के बाद पटरी से उतरीं व्यवस्थाएं ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनवरी 2023 में गौनेडा को ग्राम पंचायत से हटाकर नगर परिषद क्षेत्र में शामिल तो कर लिया गया, लेकिन इसके बाद से गांव की सुविधाएं पूरी तरह बदहाल हो गई हैं। जल जीवन मिशन के तहत बनी पांच बोरिंग में से केवल एक चालू है और चार बंद पड़ी हैं। कई घरों में नल कनेक्शन नहीं हैं, वहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने से रास्ते पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। जगह-जगह से टूटी पाइपलाइनों के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है और घरों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था ठप होने से नालियों में कचरा जमा है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के पद खाली हैं और पुरानी बिजली लाइनों के कारण बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्य मार्गों पर एलईडी लाइट लगाने की भी मांग की। एसडीएम योगेश ने संभाला मोर्चा, मौके पर किया निस्तारण जिला कलक्टर की अनुपस्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद उपखंड अधिकारी (SDM) योगेश ने रात्रि चौपाल की कमान संभाली। उन्होंने ग्रामीणों के परिवाद (शिकायतें) बेहद गंभीरता से सुने और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करवाया। एसडीएम योगेश ने पेयजल, सफाई और बिजली से जुड़ी कई स्थानीय समस्याओं का मौके पर ही उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देकर निस्तारण करवाया। साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियुक्ति और अन्य बड़े मुद्दों को लेकर उच्च स्तर पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

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