प्राइवेट कॉलोनियों में नियमों के विरुद्ध बिजली कनेक्शन देने के आरोप, AVVNL ने शुरू की जांच
शिकायत के बाद विभाग में मची हलचल, बयान दर्ज कराने के लिए तलब किए गए शिकायतकर्ता
भीलवाड़ा।
शहर की प्राइवेट कॉलोनियों में कथित रूप से नियमों को ताक में रखकर बिजली कनेक्शन जारी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
शिकायत मिलने के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है, जिससे विभागीय अधिकारियों और कॉलोनाइजरों में हलचल मच गई है।
AVVNL भीलवाड़ा के अधिशाषी अभियंता कार्यालय की ओर से जारी पत्र में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मंत्री एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य को 29 मई को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार शहर की कई निजी कॉलोनियों में आवश्यक स्वीकृतियों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना ही बिजली कनेक्शन जारी किए जाने की शिकायत विभाग तक पहुंची थी।
आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर कुछ कॉलोनियों को कथित रूप से “विशेष कृपा” के तहत बिजली सुविधा उपलब्ध कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता स्तर पर जांच अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि किन-किन कॉलोनियों में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए बिना कनेक्शन जारी किए गए और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। शहर में अब यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
आमजन सवाल उठा रहे हैं कि जब सामान्य उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे दस्तावेजों के लिए महीनों विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब कुछ निजी कॉलोनियों में इतनी आसानी से बिजली कनेक्शन कैसे जारी हो गए।
विभागीय पत्र सामने आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग यह भी जानना चाहते हैं कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कॉलोनाइजरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शिकायतकर्ता रतनलाल आचार्य ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि नियमों की अनदेखी कर कनेक्शन जारी किए गए हैं तो यह आम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।
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