पदोन्नति तिथि अंकन की मांग को लेकर प्रधानाचार्यों ने सौंपा ज्ञापन
कोटपूतली।
राजस्थान शिक्षा परिषद (प्रधानाचार्य) जिला शाखा कोटपूतली-बहरोड़ के पदाधिकारियों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने पदोन्नत प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि अंकन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने की मांग करते हुए सात दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला अध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों तथा शासन स्तर से जारी आदेशों के बावजूद सत्र 2015-16 से 2019-20 तक पदोन्नत हुए प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि अंकन का कार्य निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर स्तर पर अब तक लंबित है।
उन्होंने कहा कि सत्र 2017-18 में पदोन्नत 1,970 प्रधानाचार्यों के लिए 1 अप्रैल 2017 की तिथि अंकन संबंधी आदेश 7 दिसंबर 2022 को जारी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य लाभ से वंचित हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि वित्त विभाग द्वारा 3 मार्च 2015 को 4,999 पदों की स्वीकृति के स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे, फिर भी करीब 8,000 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि का अंकन अब तक नहीं हो सका है।
संगठन का कहना है कि वित्त विभाग के 5 मई 2026 के परिपत्र तथा निदेशक माध्यमिक शिक्षा के 22 मई 2026 के आदेश के तहत विभागीय कार्मिकों के वेतन निर्धारण की पुनः जांच प्रस्तावित है। ऐसे में तिथि अंकन लंबित रहने से संबंधित प्रधानाचार्यों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रधानाचार्यों ने राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर 8 जून 2026 को शिक्षा निदेशालय, बीकानेर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर आगामी शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन से आमरण अनशन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान एसीबीईओ दयाराम चैरड़िया, पूरण चंद, गजेंद्र सिंह यादव, रजकेश खारड़िया, महावीर प्रसाद यादव, विक्रम सिंह शेखावत, दीपक राज बांयला, कालूराम सिरोहीवाल, मुकेश कुमार वर्मा, किशोरीलाल वर्मा, शेरसिंह चेड़वाल, संदीप यादव सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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