कार्यालय बंद, जनता परेशान—रायपुर पंचायत में समयपालन की खुली पोल !
अफसरों की जिम्मेदारी तय करेगा समय
रायपुर । पंचायत समिति रायपुर में समयपालन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
कार्यालय का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक है, लेकिन हमारी पड़ताल में एक भी कर्मचारी समय पर नहीं मिला।
कार्यालय में ताले लटके रहे और आमजन घंटों परेशान होते रहे।
नरेगा श्रमिकों के लिए कड़े नियम हैं —
समय पर फोटो नहीं, तो हाजिरी नहीं! हाजिरी नहीं, तो मजदूरी नहीं! मजदूरी नहीं, तो परिवार का चूल्हा तक ठंडा!
लेकिन सवाल यह है—
जिन अधिकारियों को 50,000 से 1,00,000 रुपये तक वेतन मिलता है, क्या उनके देर से आने पर भी कार्रवाई होगी? क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए कड़े हैं?
विकास अधिकारी संजय शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
बाद में दिए बयान में उन्होंने कहा—
सभी विभागीय कार्मिकों को समयपालन के लिए पहले ही लिखित पाबंद किया गया है। मेरी ड्यूटी मतदाता बूथ निरीक्षण में होने से कुछ कर्मचारी देर से आए होंगे। देर से आने वालों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
कार्यालय में ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम लगाने की प्रक्रिया भी बहुत जल्द शुरू कर दी जाएगी।
फिर भी बड़ा सवाल जस का तस—
क्या अब अधिकारियों पर भी वही सख्ती लागू होगी, जो मजदूरों पर होती है? क्या समयपालन सिर्फ गरीबों के लिए नियम और अधिकारियों के लिए विकल्प है?
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