उमंग-7 अभियान के तहत दो बाल श्रमिक मुक्त, कैफे संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
भीलवाड़ा =
राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे उमंग-7 अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पटेल नगर स्थित द यूनिक कैफे से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
जानकारी के अनुसार, मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चंद्रकला ओझा एवं सदस्य विनोद राव के समक्ष पेश किया गया। समिति के निर्देश पर बच्चों को संरक्षण एवं देखभाल के लिए राजकीय आश्रय गृह में भेजा गया।
अभियान के दौरान मानव तस्करी विरोधी इकाई के उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह राठौड़, उप निरीक्षक ओमप्रकाश सैन, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह तथा कांस्टेबल किशन सिंह ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज पतिहार के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर, आनंद कुमार तथा नवाचार संस्थान के रेड एंड रेस्क्यू ऑफिसर भागवत सिंह चारण ने संयुक्त रूप से बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया।
मुक्त कराए गए बच्चों की काउंसलिंग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की काउंसलर निर्मला पुरोहित द्वारा की गई। मामले में संबंधित कैफे संचालक के खिलाफ प्रताप नगर पुलिस थाना में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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