वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कोटपूतली। राज्य सरकार द्वारा संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिले में विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं जनजागरूकता से संबंधित विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा आमजन की सहभागिता से जल बचत के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित करना है।जल संसाधन विभाग द्वारा नदियों, वृहद एवं मध्यम बांधों, सरोवरों तथा नहरों सहित विभिन्न जल स्रोतों पर पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही नहरों एवं खालों की जल उपयोगिता बढ़ाने के उद्देश्य से जल उपयोगिता संगम एवं कृषकों के सहयोग से साफ-सफाई तथा गाद निकासी (डी-सिल्टिंग) कार्य किए गए। विभाग द्वारा जल उपयोगिता संगम के माध्यम से जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त “जल शक्ति अभियान : कैच द रेन” तथा “जल संचय जन भागीदारी” कार्यक्रमों के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। जल संरचनाओं से संबंधित नवीन कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का अवलोकन एवं लोकार्पण भी किया गया।जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा वर्षा जल संचयन संरचनाओं (आरडब्ल्यूएचएस) के निर्माण हेतु तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। विभागीय अधिकारियों ने आमजन को जल संरक्षण के उपायों की जानकारी देते हुए जल बचत के प्रति जागरूक किया। साथ ही जल परीक्षण अभियान के माध्यम से पेयजल गुणवत्ता के महत्व एवं जल के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई।भू-जल विभाग द्वारा “कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान” के अंतर्गत संचालित कार्यों का अवलोकन किया गया तथा जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन से जुड़े नवीन कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की समीक्षा की गई।अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया। जिला प्रशासन ने आमजन से जल स्रोतों के संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
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