नरेगा भुगतान में देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पंचायत में हंगामा

Jul 1, 2026 - 19:40
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नरेगा भुगतान में देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पंचायत में हंगामा

मजदूरी के लिए भटक रहे श्रमिक, सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी पर लगाए लापरवाही के आरोप

भीलवाड़ा। ग्राम पंचायत नांदशा में मनरेगा मजदूरों के भुगतान में कथित देरी को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। ग्रामीण प्रतिनिधि विक्रम सिंह चुंडावत ने बताया कि लंबे समय से मजदूर अपनी बकाया मजदूरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक पंचायत मुख्यालय पहुंच गए और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया। कुछ ही देर में पंचायत परिसर ग्रामीणों की भीड़ से भर गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत कार्यालय नियमित समय पर नहीं खुलता तथा ग्राम विकास अधिकारी पुष्कर माली अक्सर निर्धारित समय के बाद कार्यालय पहुंचते हैं। उनका कहना है कि कई बार अधिकारी दोपहर 12 बजे तक पंचायत नहीं आते और आने के कुछ समय बाद ही वापस चले जाते हैं, जिससे ग्रामीणों के जरूरी कार्य लंबित पड़े रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार को भी बीडीओ गजेंद्र सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद ही ग्राम विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय पहुंचे।

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने सरपंच सरवणी देवी और ग्राम विकास अधिकारी पुष्कर माली पर मनरेगा मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई श्रमिकों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, जबकि वे अपना कार्य पूरा कर चुके हैं। मजदूरी नहीं मिलने से गरीब और मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कई परिवारों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

विक्रम सिंह चुंडावत ने कहा कि ग्रामीण कई बार पंचायत पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया गया। भुगतान कब होगा और समस्या का समाधान कब निकलेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी भी किसी स्तर पर नहीं दी जा रही। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने पंचायत पहुंचकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन हरकत में आया और बीडीओ गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा मामले के समाधान का भरोसा दिलाया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर कायम रहे और शीघ्र भुगतान की मांग दोहराते रहे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया भुगतान जारी नहीं किया गया और पंचायत स्तर पर कथित लापरवाही के मामलों की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने पंचायत कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।

सूत्रों के अनुसार मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्रभर में पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं

तेज हो गई हैं।

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