बिजली कनेक्शन के नाम पर सुविधा शुल्क वसूली का आरोप,
मानवाधिकार संगठन ने सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा।
राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने मंगलवार को जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य के नेतृत्व में विद्युत विभाग के मुख्य अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश महला को ज्ञापन सौंपकर एवीवीएनएल ग्रामीण प्रथम पर गंभीर आरोप लगाए।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम जोधडास की एक निजी कॉलोनी में विद्युत कनेक्शन जारी करने के नाम पर उपभोक्ताओं से 5 हजार से 10 हजार रुपये तक सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है।
आरोप है कि जो उपभोक्ता यह राशि देने में असमर्थ हैं, उन्हें कॉलोनी को “अन इलेक्ट्रिफाइड” बताकर स्थाई कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे।
संगठन ने दावा किया कि उक्त कॉलोनी में विभाग द्वारा पहले से कई स्थाई बिजली कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इसके प्रमाण के रूप में के नंबर, मीटर नंबर, बिजली बिल, कॉलोनी का नक्शा तथा भूखंड धारकों के दस्तावेज भी ज्ञापन के साथ संलग्न किए गए।
ज्ञापन में बताया गया कि कॉलोनी निवासी लाडू देवी नायक ने स्थाई विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभागीय लाइनमैन द्वारा कथित रूप से 5 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा गया। राशि देने में असमर्थता जताने पर कॉलोनी को अन इलेक्ट्रिफाइड बताते हुए कनेक्शन देने से इनकार कर दिया गया। बाद में आवेदक को अस्थाई कनेक्शन जारी किया गया, जिसकी डिमांड राशि 13 हजार 750 रुपये जमा करवाई गई।
संगठन का आरोप है कि एक ही कॉलोनी में पूर्व में स्थाई कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, ऐसे में अब कॉलोनी को अन इलेक्ट्रिफाइड बताना विरोधाभासी और संदेहास्पद है।
संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि कॉलोनी वास्तव में अन इलेक्ट्रिफाइड थी, तो विभाग ने वहां पोल, तार और ट्रांसफार्मर लगाकर लाखों रुपये खर्च कैसे किए। संगठन ने इसे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताते हुए जांच की मांग उठाई।
इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालू सिंह जाला, जिला संरक्षक छोटू लाल अटारिया, जिला महासचिव मुकेश सोनी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर भीलवाड़ा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एवं विद्युत विभाग के एमडी अजमेर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
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