प्रेरणादायक व्यक्तित्व: नेमीचंद माली – सेवा ही जिनका संकल्प
भीलवाड़ा।
जिले के पांसल गांव निवासी नेमीचंद माली एक ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद समाज सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है।
करीब 49 वर्षीय नेमीचंद माली जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) में सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं।
विकलांगता उनके हौसलों के आड़े नहीं आई। इसके विपरीत, उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाकर समाज में एक अलग पहचान स्थापित की है।
नेमीचंद माली न केवल धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, बल्कि हर कार्यक्रम में शारीरिक श्रम के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी प्रदान करते हैं।
गांव और समाज में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों—चाहे वह धार्मिक आयोजन हो, सामूहिक विवाह हो या सामाजिक सहयोग की आवश्यकता—हर जगह उनकी मौजूदगी और योगदान देखने को मिलता है। उनकी यही सेवा भावना उन्हें आम लोगों से अलग बनाती है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि नेमीचंद माली हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं और बिना किसी स्वार्थ के समाज के हित में कार्य करते हैं।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची सेवा के लिए केवल मजबूत इरादों की जरूरत होती है, शारीरिक सीमाएं इसमें बाधा नहीं बनतीं।
आज नेमीचंद माली जैसे समाजसेवी व्यक्तित्व पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उनके कार्यों पर समाज को गर्व है और वे यह संदेश देते हैं कि यदि मन में सेवा का भाव हो, तो कोई भी परिस्थिति व्यक्ति को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
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