कुमावत समाज ने अधिकारों के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
आंदोलन की दी चेतावनी
रायपुर (भीलवाड़ा) राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवाशक्ति समिति द्वारा कुमावत समाज की विभिन्न मांगों और अधिकारों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी रायपुर को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने अपनी उपेक्षा पर कड़ा रोष जताते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की है।
राजनीतिक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं:
कुमावत समाज समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले लंबे समय से कुछ राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा कुमावत समाज का उपयोग केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। समाज अब ऐसी स्थिति को सहन नहीं करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कुमावत समाज एक स्वतंत्र जाति है, जिसका मुख्य कार्य भवन निर्माण, स्थापत्य कला और शिल्पकारी है, लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें:
1स्थापत्य कला बोर्ड को पुनः बहाल किया जाए।
2 . जातीय जनगणना में कुमावत जाति के लिए अलग से कॉलम निर्धारित किया जाए।
3भवन निर्माण एवं शिल्पकारी कारीगरों के लिए विशेष जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई जाएं।
4सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिकों को तत्काल विशेष सहायता प्रदान की जाए।
5स्थापत्य कला बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति शीघ्र प्रभाव से की जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कुमावत समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इसके साथ ही आगामी पंचायती राज एवं निकाय चुनावों में भी समाज अपनी एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन करेगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष मुकेश कुमावत, जिला सचिव शिवलाल कुमावत कोषाध्यक्ष कृष्णगोपाल कुमावत गोपीलाल बालू राम भेरूलाल शंकर लाल शोभा लाल रामचंद्र सहित समाज के कई युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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