उमंग-7 अभियान के तहत दो बाल श्रमिक मुक्त
भोजनालय पर संयुक्त टीम की कार्रवाई
भीलवाड़ा।
राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे "उमंग-7 अभियान" के तहत त्रिवेणी चौराहे स्थित श्री शिव भोजनालय पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।
मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति अध्यक्ष चंद्रकला ओझा एवं सदस्य विनोद राव के निर्देशानुसार बच्चों को आश्रय एवं देखभाल के लिए राजकीय किशोर गृह में रखा गया।
अभियान के तहत की गई कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी इकाई के प्रभारी सुरेंद्र सिंह राठौड़, उप निरीक्षक ओम प्रकाश सैन, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह, कांस्टेबल राजविंदर सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज पतिहार के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर तथा नवाचार संस्थान के रेड एंड रेस्क्यू ऑफिसर भगवत सिंह चारण ने बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की काउंसलर निर्मला पुरोहित ने बच्चों की काउंसलिंग की। वहीं श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक शिवप्रसाद चौधरी ने बच्चों के बयान दर्ज किए।
अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा बाल श्रमिकों को नियोजित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील की है।
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