मां दुर्गा की विदाई पर कन्या भोज, गूंजे ढोल-नगाड़े
भीलवाड़ा :-प्रभुलाल लोहार
भीलवाड़ा शहर के विजय सिंह प्रतीक नगर में नवयुवक नवदुर्गा मंडल द्वारा आयोजित नवरात्र महोत्सव इस बार भी श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ।
मंडल लगातार 11 वर्षों से गरबा महोत्सव और दुर्गा पूजा का आयोजन करता आ रहा है, जिसने अब क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना ली है।
नौ दिन गरबे और सांस्कृतिक झलकियां
नवरात्रि के अवसर पर कॉलोनीवासियों और आसपास के श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक गरबा-डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
माताएं, बहनें और बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में सज-धजकर प्रतिदिन मां दुर्गा की आराधना में डूबे रहे।
इस दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिनमें महिलाओं और बच्चों की सहभागिता विशेष रही।
पारितोषिक वितरण और माता की विदाई
नवरात्रि के अंतिम दिन मंडल की ओर से प्रतियोगिताओं और प्रस्तुतियों में शामिल प्रतिभागियों को पारितोषिक भेंट कर सम्मानित किया गया।
विजयादशमी के अवसर पर पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई।
इसके उपरांत ढोल-नगाड़ों और डीजे की गूंज के बीच विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
यह जुलूस कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ सांगानेर गांव स्थित तालाब तक पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने भावभीनी विदाई के साथ मां की प्रतिमा का विसर्जन किया।
कन्या भोज बना आयोजन का मुख्य आकर्षण
मां दुर्गा की विदाई के बाद संध्या 7 बजे से रात लगभग 11 बजे तक कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसमें कॉलोनीवासियों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
आयोजन में भक्तिभाव और आपसी एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्रद्धा और समर्पण का संदेश
नवयुवक नवदुर्गा मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में भक्ति, आस्था और एकजुटता का संदेश फैलाना भी है।
स्थानीय लोग भी इस परंपरा से स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और हर साल उत्साह से इसमें भाग लेते हैं।
इस तरह विजय सिंह प्रतीक नगर में आयोजित नवरात्र महोत्सव और दशहरे का यह आयोजन शहरवासियों की आस्था और परंपराओं को जीवंत करने का माध्यम बन गया।
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