पर्यावरण सेवकों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

प्राचीन भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने हेतु तांबे के बर्तनों से कराया जलपान
भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल
धोरीमन्ना:- पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता अभियान चला रही पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण संस्थान जोधपुर द्वारा प्रायोजित कोशिश पर्यावरण सेवक टीम पूरे भारतभर में विभिन्न समारोहों में जाकर नशामुक्ति अभियान,सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त समारोह, भोजनशाला में लोग भोजन को जूठा न छोङे इसके लिए जन-जागरूकता अभियान,बाल-विवाह मुक्त समाज,मृत्यु भोज की कुप्रथा बंद करने हेतु अभियान,कपङे की थैली का प्रयोग,पौधारोपण हेतु जागरूकता,समारोह स्थल पर भव्य पर्यावरण संरक्षण प्रदर्शनी व लोगों को प्लास्टिक बोतलों की बजाय तांबे के लोटों से जलपान कराकर प्राचीन भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास करने सहित बहुआयामी मुहिम को लेकर निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही हैं।टीम के सह-प्रभारी व स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने जानकारी दी कि आज से ढाई दशक पहले खमुराम बिश्नोई द्वारा शुरू की गई पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आज पूरे भारतभर में पर्यावरण सेवकों द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है देश के कोने-कोने में पर्यावरण सेवक पहूंच कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना है तो हम सबको जागरूक होना पड़ेगा हमारे स्वार्थ के लिए पर्यावरण को नुक़सान पहूंचाने से बचना होगा नहीं तो आने वाला समय अनेक कठिनाइयों को लेकर हमारे सामने खङा हो जायेगा। इन्हीं जागरूकता अभियान के तहत कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दिन पर्यावरण सेवकों ने भारतभर में जन-जागरूकता अभियान चलाया और कृष्ण भगवान के भक्तों को तांबे के लोटों से जलपान नशा नहीं करने का संकल्प दिलवाया।पर्यावरण सेवक श्रवण सारण,संतोष सियाक,सुरेश भादू,ओमप्रकाश जाणी,सुरेश साहू, सुखराम सियाक,मांगीलाल ढाका, गणपत सारण,भजनलाल विडारा, दिनेश जानी,सुरेश खीचड़,रक्त मित्र लाडू राम पंवार ने बिश्नोई समाज अहमदाबाद द्वारा आयोजित समारोह में निस्वार्थ भाव से सेवा दी।
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